ग़ज़ल गंगा
Play with words to express Feelings and experiences of life.
गुरुवार, 2 मई 2024
दिल में जो बसी सूरत सजायेंगे उसे हम यूँ
›
खुदा का नाम लेने में तो हमसे देर हो जाती. खुदा के नाम से पहले हम उनका नाम लेते हैं.. पाया है सदा उनको खुदा के रूप में दिल में उनकी बंदगी कर...
4 टिप्पणियां:
सोमवार, 2 जनवरी 2023
दुआओं का असर होता
›
हुआ इलाज भी मुश्किल ,नहीं मिलती दबा असली दुआओं का असर होता दुआ से काम लेता हूँ मुझे फुर्सत नहीं यारों कि माथा टेकुं दर दर पे अगर कोई डगम...
बुधवार, 9 फ़रवरी 2022
ग़ज़ल(शाम ऐ जिंदगी)
›
ग़ज़ल(शाम ऐ जिंदगी) आँख से अब नहीं दिख रहा है जहाँ ,आज क्या हो रहा है मेरे संग यहाँ माँ का रोना नहीं अब मैं सुन पा रहा ,कान मेरे ये दोनो...
शुक्रवार, 3 जनवरी 2020
ग़ज़ल ( वो शख्श मेरा यार था)
›
उनको तो हमसे प्यार है ये कल की बात है कायम ये ऐतबार था ये कल की बात है जब से मिली नज़र तो चलता नहीं है बस मुझे दिल पर...
6 टिप्पणियां:
मंगलवार, 8 मई 2018
चार पल की जिंदगी में चाँद सांसो का सफ़र
›
प्यार की हर बात से महरूम हो गए आज हम दर्द की खुशबु भी देखो आ रही है फूल से दर्द का तोहफा मिला हमको दोस्ती के नाम पर दोस्तों के बीच...
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें