ग़ज़ल गंगा
Play with words to express Feelings and experiences of life.
बुधवार, 8 जून 2011
ग़ज़ल(ये दुनिया मुस्कराती है)
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ग़ज़ल( ये दुनिया मुस्कराती है) जुदा हो करके के तुमसे अब ,तुम्हारी याद आती है मेरे दिलबर तेरी सूरत ही मुझको ...
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मंगलवार, 7 जून 2011
ग़ज़ल(हकीकत)
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ग़ज़ल( हकीकत) नजरें मिला के नजरें फिराना ,ये हमने अब तक सीखा नहीं हैं बादें भुलाकर कसमें मिटाकर ,वह कहतें ह...
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ग़ज़ल(जाने पहचाने)
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ग़ज़ल( जाने पहचाने) वह हर बात को मेरी दबाने लगते हैं जब हकीकत हम उनको समझाने लगते हैं जिस गलती पर हमको बह समझाने लगते ...
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रविवार, 5 जून 2011
ग़ज़ल(दर्द )
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ग़ज़ल(दर्द ) दर्द को अपने से कभी रुखसत न कीजिये दर्द का सहारा तो बस जीने के लिए हैं पी करके मर्जे इश्क ...
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ग़ज़ल (रंगत इश्क की)
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ग़ज़ल ( रंगत इश्क की) रंगत इश्क की क्या है ,ये वह ही जान सकता है दिल से दिल मिलाने की ,जुर्रत जो किया होगा तन्हा...
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